अयोध्या न्यूज डेस्क: महाकुंभ के दौरान अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाकुंभ के 45 दिनों के दौरान करीब तीन करोड़ भक्तों ने रामलला के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। भक्तों ने न सिर्फ दर्शन किए, बल्कि दिल खोलकर दान भी दिया। इस दौरान रामलला को अलग-अलग माध्यमों से करीब 20 करोड़ रुपये का दान मिला। श्रद्धालुओं की इस अपार आस्था ने राम मंदिर ट्रस्ट की आय में बड़ा इजाफा किया है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने इस अवधि में अयोध्या में जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी तेज कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच ट्रस्ट ने अयोध्या के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 4.29 एकड़ जमीन खरीदी है, जिसकी कीमत करीब 36.61 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हैबतपुर में पांच जगहों पर जमीन खरीदी गई है, जिसमें एक स्थान पर 11,194 स्क्वायर फीट और दूसरे स्थान पर 5,457 स्क्वायर फीट जमीन शामिल है। इसके अलावा, रानोपाली में भी ट्रस्ट ने 5,490 स्क्वायर फीट जमीन खरीदी है।
महाकुंभ के दौरान अयोध्या की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, 45 दिनों में अयोध्या में करीब 2,500 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। मंदिर के आसपास के छोटे व्यापारियों और दुकानदारों ने इस अवधि में अच्छी कमाई की। भक्तों की भारी भीड़ के कारण मंदिर को हर दिन 18 से 19 घंटे तक खुला रखना पड़ा। जनवरी और फरवरी में ही मंदिर को 26.89 करोड़ रुपये का दान मिला, जिसमें से 57 लाख रुपये विदेशी भक्तों ने दिए।
राम मंदिर ट्रस्ट की आय में लगातार इजाफा हो रहा है। महाकुंभ के दौरान ट्रस्ट ने मंदिर में दान पात्रों की संख्या 6 से बढ़ाकर 34 कर दी थी। वित्त वर्ष 2023-24 में राम मंदिर ट्रस्ट की कुल आय 376 करोड़ रुपये रही थी। इस साल जनवरी में ट्रस्ट को 11.56 करोड़ और फरवरी में 15.33 करोड़ का दान मिला। इसके अलावा, अमेरिका, इंग्लैंड, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया जैसे देशों से भी भक्तों ने दान किया। अप्रैल 2023 से फरवरी 2025 के बीच विदेशी भक्तों ने कुल 10.43 करोड़ रुपये का दान दिया है।
दान के स्रोतों पर नजर डालें तो जनवरी और फरवरी के दौरान दान काउंटर से 4.22 करोड़ से 6.90 करोड़ रुपये का दान मिला। दान पात्र से 5.90 करोड़ से 7.38 करोड़ रुपये मिले, जबकि ऑनलाइन माध्यम से 1.36 करोड़ से 1 करोड़ रुपये का दान मिला। विदेशी भक्तों से जनवरी में 6 लाख और फरवरी में 51 लाख रुपये का दान मिला। भक्तों की इस आस्था ने राम मंदिर ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना दिया है।